Saturday, July 11, 2020
Home ताजा ख़बर जानिए, बोन कैंसर के कारण और इलाज क्या है?

जानिए, बोन कैंसर के कारण और इलाज क्या है?

बोन कैंसर शरीर के किसी भी अंग में हो सकता है, लेकिन कमर, हाथ और पैरों की हड्डी में इसके होने की संभावना सबसे ज्यादा रहती है।

बोन कैंसर क्या है?

कैंसर की कोशिकाएं जब हड्डियों के अंदर फैलकर एक ट्यूमर का रूप लेती है तो आगे चलकर कैंसर कहलाता हैं। हालांकि सभी ट्यूमर कैंसर नही होते, लेकिन बच्चों में होने हाले कैंसर के तीन फीसद मरीज हड्डी के कैंसर से पीड़ित होते है। बोन कैंसर शरीर के किसी भी अंग में हो सकता है, लेकिन कमर, हाथ और पैरों की हड्डी में इसके होने की संभावना सबसे ज्यादा रहती है। हड्डियों के कैंसर के कारणों का पता अब तक नहीं लग पाया है, लेकिन इसे अनुवांशिक (जेनेटिक) कारणों और कारकों से जोड़कर देखा जाता है। वैसे बाकी के कैंसरों की तुलना में बोन कैंसर यानी हड्डी के कैंसर के मामले कम देखे गए हैं।



बोन कैंसर होने से पहले ये दिखने लगते है लक्ष्ण

बोन कैंसर की शुरूवाती सामान्य लक्षण हड्डियों मे दर्द होना है। ये दर्द वक्त के साथ बढ़ता जाता हैं। शरीर के जिस अंग में दर्द होता है, उस अंग में सूजन आने लगता है और हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। यही कारण है कि जरा-सा चोट लगने पर भी इन हड्डियों का बार-बार फ्रैक्चर होने का खतरा बढ़ जाता है। कई बार बोन कैंसर की वजह से शरीर के कई हिस्सों में बहुत दर्द होता है। खासकर कमर में।

बोन कैंसर के प्रकार

  • मेटास्टेटिक बोन कैंसर (Metastatic bone cancer)- इस कैंसर में किसी दूसरे हिस्से का कैंसर खून की नली से बहते हुए हड्डी में फंस जाता है और वो वहीं बढ़ने लगता है। जो लोग फेफड़े, स्तन आदि कैंसर से पीड़ित होते है उन व्यक्तियों में मेटास्टेटिक बोन कैंसर होने के खतरा अधिक रहता है।
  • बिनाइन बोन कैंसर (Benign Bone Cancer)- इस कैंसर में बिनाइन ट्यूमर क्षतिग्रस्त हड्डियों में फैलता है, लेकिन अन्य हिस्से को कोई नुकसान नहीं पहुँचता है।
  • मैलिग्नेंट बोन कैंसर (Malignant bone cancer)- यह शरीर के क्षतिग्रस्त हड्डियों के अलावा अन्य अंगों मे भी फैलता है। जैसे- फेफड़े और लिवर में।

बोन कैंसर का इलाज

बोन कैंसर का इलाज सर्जरी के जरिए किया जा सकता है। लेकिन सर्जरी करने से पहले ट्यूमर के आकार का पता लगाना बहुत जरूरी होता है। इसके लिए सीटी स्कैन, पेट सीटी स्कैन और बोन स्कैन की जरूरत पड़ती है। ट्यूमर के आकार का पता लग जाने के बाद सर्जरी किया जाता है। इस दौरान ट्यूमर के सभी भाग व उसके आसपास के टिश्यू को निकाल दिया जाता है। साथ ही क्षतिग्रस्त हड्डियों को निकालकर उसकी जगह आर्टीफिशियल हड्डी लगाया जाता है।

हालांकि, आज के दौर में सर्जरी के अलावा कई प्रकार की तकनीक उपलब्ध है। कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी या दोनों की मदद से बोन कैंसर का इलाज होने लगा है। कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी के जरीए छतिग्रस्त अंगो को काटे बगैर इलाज किया जाता है।



2 COMMENTS

  1. An interesting discussion is definitely worth comment. I think
    that you need to publish more on this subject, it might not be a taboo
    subject but generally people don’t speak about such topics.
    To the next! Many thanks!!

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Jyotiba phule : महिलाओं के लिए खोला था पहला स्कूल, महात्मा फूले का जीवनी

ज्योतिबा फुले महान क्रांतिकारी, भारतीय विचारक, समाजसेवी, लेखक एवं दार्शनिक थे। 19वी सदी में समाज में फैली कई तरह के कुरीतियों को उन्होंने उखार...

नमक कई प्रकार के होते है, जानिए उसके फायदे और नुकसान (Salt)

हम सभी नमक का सेवन करते है। इसमे सोडियम का अच्छा श्रोत पाया जाता है, जो हमारे पाचन क्रिया को बायलेंस करता है। लेकिन क्या आप जानते है कि नमक कितने प्रकार के होते है? आज आपको बताएंगे कि कौन कौन से नमक होते है और कौन से नमक आपके सेहत के लिए फायदेमंद है।

झील में बना भारत का अनोखा महल, पानी में बने 5 मंजिला इमारत की दिलचस्प कहानी

राजस्थान अपने विरास्तों के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। यहां कुछ ऐसी ऐतिहासिक इमारते है, जो आज भी शानों शौकत से खड़ी है और...

रूस लड़ रहा एक साथ तीन लड़ाई, कोरोना, जंगल की आग और नई सड़क बड़ा ख़तरा

कोरोना वायरस पूरी ​दुनिया के लिए संकट बना हुआ है, जिससे सभी देश लड़ने में लगी हुई है। इसी बीच रूस (Russia) तीसरी मार से जुझ रहा है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) इस समय कोरोना के साथ चेर्नोबिल परमाणु संयंत्र के पास जंगल में लगी आग और मॉस्को मोटरवे की घटना की मार से जुझ रहे है।

Recent Comments

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com