अरविंद केजरीवाल की जीवनी, शिक्षा, नौकरी, शादी, राजनीति व पार्टी…

केजरीवाल के अंदर शुरू से समाज सेवा की भावना रही। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में रहते उन्होंने 'परिवर्तन' नामक समाज सेवा एनजीओ (NGO) खोला। कहा जाता है कि इस NGO के जरिए दिल्ली के लोगों के सारे कार्य फ्री में होने लगे। चाहे बिजली दफ्तर हो, आयकर द्फ्तर या पुलिस, सभी जगह दिल्ली वालों का काम मुफ्त में होने लगा।

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अरविंद केजरीवाल की जीवनी, शिक्षा, नौकरी, शादी, राजनीति व पार्टी...

अरविंद केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री है। उन्हें राजनीति में कोई दिलचस्पी नही थी, लेकिन भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना हजारे के आंदोलन से प्रेरित होकर वे राजनीति में कूद पड़े। बचपन में केजरीवाल अभिनय में रूचि रखते थे, लेकिन जब बड़े हुए तो सिविल सर्विस परीक्षा की तैयारी करने लगे। पढ़ाई में इतने तेज़ थे कि उन्होंने सिविल सर्विस की परीक्षा पहली बार मे ही निकाल ली। इतना ही नही उन्होंने आईआईटी की परीक्षा भी फस्ट अटेमप्ट में पास किया था।



अरविंद केजरीवाल की जीवनी Arvind Kejariwal biography in hindi

केजरीवाल एक मध्यमवर्गीय परिवार से आते थे। उनका जन्म 16 अगस्त 1968 को हरियाणा के छोटे से गांव सिवानी में हुआ था। उनके पिता का नाम गोविन्द राम केजरीवाल है, जो इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थे। उनकी माता का नाम गीता देवी है।

अरविंद ने अपनी स्कूली पढ़ाई हिसार में स्थित कैंपस स्कूल और सोनीपत में स्थित क्रिस्चियन मिशनरी स्कूल से पूरी की। इसके बाद वे खड़गपुर चले गए, जहां स्थित आईआईटी खड़गपुर से 1989 में मेकेनिकल इंजीनियरिंग किया। इसी दौरान उन्हे जमशेदपुर में टाटा स्टिल कंपनी में नौकरी मिल गई, लेकिन कुछ समय काम करने के बाद ही उन्होंने ये नौकरी छोड़ दी।

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अरविन्द केजरीवाल के द्वारा किये गये महत्वपूर्ण कार्य 

इसी समय अरविंद मदर टेरेसा के संपर्क में आए और आश्रम में सेवा देनी शुरू की। दो महीने के बाद अरविंद ने यूपीएससी(UPSC) की तैयारी शुरू की। अपने पहले ही अटेंप्ट में सफलता हासिल की और भारतीय राजस्व सेवा (IRS) में आ गए। तब उन्होंने साल 1995 में आयकर विभाग में जॉइंट कमिश्नर का पदभार संभाला।

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट मे कार्य करने के दौरान केजरीवाल ने महसूस किया कि हर तरफ लोग भ्रष्टाचार कर रहे है। लगभग सारे अधिकारी घुस लेकर ही काम कर रहे है। इस भ्रष्टाचार के कारण देश बर्बाद हो रहा है। ऐसे में केजरीवाल ने उन सभी के खिलाफ कार्रवाई करनी शुरू कर दी।  

केजरीवाल के अंदर शुरू से समाज सेवा की भावना रही। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में रहते उन्होंने ‘परिवर्तन’ नामक समाज सेवा एनजीओ (NGO) खोला। कहा जाता है कि इस NGO के जरिए दिल्ली के लोगों के सारे कार्य फ्री में होने लगे। चाहे बिजली दफ्तर हो, आयकर द्फ्तर या पुलिस, सभी जगह दिल्ली वालों का काम मुफ्त में होने लगा।

साल 2006 में केजरीवाल ने इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से इस्तीफा दे दिया। इस दौरान वे  सूचना अधिकार अधिनियम  (RTI) अभियान से जुड़े और पूरे देश में RTI के बारे में जागरूकता फ़ैलाई।

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आम आदमी पार्टी का गठन

समाजिक स्तर पर काम करने के बाद केजरीवाल ने महसूस हुआ कि सरकारी तंत्र को सुधारने के लिए राजनीति में आने की आवश्यकता है। साल 2012 में लोकपाल आंदोलन के बाद उन्होंने आम आदमी पार्टी बनाई, जो देखते ही देखते पूरे भारत में जानी- पहचानी पार्टी बन गई।



जब दिल्ली के मुख्यमंत्री बने अरविंद केजरीवाल

साल 2013 में दिल्ली का विधानसभा चुनाव हुआ था। इस चुनाव में आम आदमी पार्टी ने बेहतर प्रदर्शन किया। कांग्रेस के स्पोर्ट से केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री बने, लेकिन 49 दिनों के बाद ही उन्होंने पद से स्थिपा दे दिया।

साल 2015 में एक बार फिर विधानसभा चुनाव हुआ, जिसमे केजरीवाल ने ऐतिसाहिक जीत दर्ज की। सभी 70 सीटों में केजरीवाल 67 सीटे जीतकर दोबारा दिल्ली के मुख्यमंत्री बने।

अरविंद केजरीवाल द्वारा  लिखी गई किताब

साल 2009 में अरविंद केजरीवाल ने एक किताब लिखी थी, जिसका नाम ‘स्वराज’ है। इसमे उन्होंने देश की वर्तमान लोकतांत्रिक ढांचे पर सवाल किया हैं। साथ ही सही मायने में स्वराज पाने का तरीका बताया हैं। ये किताब महात्मा गांधी द्वारा लिखी किताब ‘हिंद स्वराज’ के तर्ज पर लिखा गया था।

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अरविंद केजरीवाल के जीवन से जुड़े दिलचस्प बातें

केजरीवाल को बॉलीवुड फ़िल्मे पसंद है। वे एक्टर आमिर खान के बहुत बड़े फैन हैं।

अरविंद केजरीवाल और उनकी पत्नि सुनीता केजरीवाल की लव मैरिज हुई थी। दोनों की मुलाकात नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन’ में हुई थी। इसी दौरान दोनों पर प्यार की प्रवान चढ़ी और 1994 में शादी कर ली।

इंकम टैक्स विभाग में काम करने के दौरान कभी भी उन्होंने चपरासी की मदद नही ली। वे हमेशा खुद ही अपना डेस्क साफ़ करते थे।

आरटीआई ऐक्ट के लिए 2006 में केजरीवाल को रमन मैगसेसेय अवार्ड दिया गया। उन्होने इस अवार्ड से प्राप्त धन को पब्लिक कॉस रिसर्च फाउंडेशन नामक NGO में दान दे दिया था।

इस समय केजरीवाल की छवि अपने वादों को पूरा करने वाले नेता की है। दिल्ली में बिजली, पानी फ्री और मोहल्ला क्लीनिक के साथ सीसीटीवी और सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए केजरीवाल की तारीफ हो रही है।


पुरस्कार और सम्मान

समाज सेवा करते हुए अरविंद केजरीवाल को कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।

  • 2004 – अशोक फैलो अवार्ड, सामाजिक सहभागिता के लिए दिया गया।
  • 2005 –  ‘सत्येन्द्र दुबे मेमोरियल अवार्ड, IIT कानपुर द्वारा दिया गया।
  • 2006 – रमन मेगसेसे अवार्ड, उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया गया।
  • 2006 – इंडियन ऑफ़ द ईयर अवार्ड, CNN-IBN के तरफ से दिया गया।
  • 2009 – पूर्व छात्र अवार्ड, IIT खड़गपुर ने उन्हें विशिष्ट पूर्व छात्र अवार्ड से सम्मानित किया।
  • 2011 – इंडियन ऑफ द ईयर अवार्ड, अरविंद केजरीवाल और अन्ना हजारे को NDTV द्वारा दिया गया।
  • 2013 – अमेरिका के मशहूर पत्रिका ‘टाइम’ ने दुनिया के प्रभावशाली लोगों में केजरीवाल का नाम शामिल किया।

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