डायबिटीज क्या है? कैसे होता है? किसको होता है? क्या लक्षण हैं? कैसे बचें?

डायबिटीज से दूसरे अंगों पर भी असर पड़ता है। शरीर में हाई बल्ड शुगर हो जाता है। इस कारण त्वचा, आंखों से जुड़ी परेशानियां, किडनी का फ़ेल होना, हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक और नर्वस सिस्टम डैमेज कर सकता है। डायबिटीज के मरीजों में सबसे अधिक मौत हार्ट अटैक या ब्रेन स्ट्रोक से होती है। यदि हम समय रहते बीमारी के कारणों व लक्षणों को जान ले और समय रहते सही इलाज करा ले तो हम अपने आप को डायबिटीज से बचा सकते है।

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डायबिटीज क्या है कैसे होता है किसको होता है क्या लक्षण हैं कैसे बचें

आज कल हम अपने काम में इतना व्यस्त रहते है कि हम खुद का ध्यान नही रख पाते है। लापरवाही ऐसी कि हम कहीं पर कुछ भी खा लेते है। जिसका परिणाम यह होता है कि हम खतरनाक बीमारी के चपेट में आ जाते हैं। किसी को हार्ट डिजीज, तो किसी को डायबिटीज हो जाती है।



आज हम डायबिटीज (Diabetes) के बारे में बात करेंगे, जिसे मधुमेह या शुगर की बीमारी कहते है। हमारे देश में 7 करोड़ से ज्यादा डायबिटीज के मरीज़ हैं। हमारे यहाँ हर एक लाख की आबादी में तकरीबन 26 लोगों की मौत डायबिटीज के कारण हो रही है। इसका पहला कारण जीवनशैली का बिगड़ना है और दूसरा कारण डायबिटीज के बारे में जानकारी का अभाव हैं। यदि हम समय रहते बीमारी के कारणों व लक्षणों को जान ले और समय रहते सही इलाज करा ले तो हम अपने आप को डायबिटीज से बचा सकते है। आसानी से डायबिटीज से जुड़े सभी सवालों के जवाब को समझें।

डायबिटीज क्या है? कैसे होता है? किसको होता है? क्या लक्षण हैं? कैसे बचें?

डायबिटीज क्यों होता है?

जिस प्रकार गाड़ी को चलने के लिए तेल की आवश्यकता होती है। उसी प्रकार हमारे सेल्स (कोशिकाओं) को काम करने के लिए भोजन की आवश्यकता होती हैं। जब हम कोई खाना खाते है तो हमारा डाइजेस्टिव सिस्टम उस भोजन को ग्लूकोज में बदल देता है। वह ग्लूकोज शुगर ही है, लेकिन आम चीनी नही, बल्कि उससे थोड़ा कम मीठा होता है। यह हमारे सेल्स को ऊर्जा देता है। लेकिन ग्लूकोज को सभी कोशिकाओं तक पहुंचाने का काम इंसुलिन करता है। इंसुलिन खून के जरिए, सभी सेल्स तक ग्लूकोज पहुँचाती है। तभी हमारा शरीर सही तरीके से काम कर पाता है। लेकिन हमारा जीवनशैली, तनाव, डिप्रेशन, चिंता, अनआवाश्यक या अति भोजन इंसुलिन को ही बाधित करने लगता है, या पूरी तरह से रोक देता है। ऐसे में शरीर में शुगर लेवल काफी बढ़ जाता है। तब इस स्थिति को डायबिटीज कहा जाता है।

डायबिटीज की शुरूआत कैसे होती है?

हमारे शरीर की अग्न्याशय (Pancreas) में इंसुलिन का बड़ा योगदान होता है। यह एक हॉर्मोन (hormone) है, जो डाइजेस्टिक सिस्टम द्वारा बनता है। जब ये इंसुलिन यानि हार्मोन हमारे शरीर के शुगर लेवल को कंट्रोल नहीं कर पाता है, तो हमारे द्वारा लिये गए भोजन से ऊर्जा (Energy) लेने में परेशानी होने लगती है। ऐसे में धीरे-धीरे ग्लूकोज का लेवल खून में बढ़ने लगता है, जो हमारे अंगों को नुकसान पहुंचाने लगता है। इस तरह डायबिटीज की शुरूआत होती है।



डायबिटीज किसे होता है?

डायबिटीज महिलाओं के मुकाबले पुरूषों में अधिक देखा गया हैं। इस बीमारी से बच्चे क्या, बूढ़े क्या, लगभग सभी उम्र के लोग परेशान है। ये ज़रूर है कि 40 की उम्र के बाद डायबिटीज होने का ख़तरा सबसे अधिक रहता है। मोटापे के शिकार लोगों पर डायबिटीज सबसे पहले हमला करती है। डायबिटीज एक अनुवांशिक बीमारी है, जिनके माता- पिता, दादा-दादी में से किसी को डायबिटीज है, तो परिवार के दूसरे सदस्यों को यह बीमारी होने की संभावना रहती है।

कुछ लोग समझते है कि मीठा खाने से डायबिटीज हो जाती है, तो ये बात पूरी तरह से सही नही है। हमारा अनियमित खानपान, फास्ट फूड, अनिद्रा और कम शारीरिक श्रम डायबिटीज के लिए जिम्मेदार हैं। अगर आप इसके लिए सही रूटीन बना रखे है, तो आपको डायबिटीज नही होगी। यदि ये बीमारी आपको हो चुकी है तो आगे उपाय बताने जा रहे है। उसे ध्यान से समझिए।

डायबिटीज का लक्षण क्या है?

जिस व्यक्ति को प्यास ज्यादा लगती है और बार बार पेशाब करने बाथरूप जाना पड़ता हैं। उसे डायबिटीज हो सकती है। या आँखों की रौशनी कम होने लगा है, तो समझ जाना चाहिए कि हमे जल्दी डॉक्टर से संपर्क करने की आवश्यकता है। कई बार मरीज़ को चोट लगने पर ज़ख्म देरी से भरता है या बार-बार फोड़े-फुंसियां निकलने लगते है। कई बार हाथों, पैरों में खुजली वाले ज़ख्म भी देरी से ठीक होते है, तो ये सभी डायबिटीज के लक्षण है।

डायबिटीज कितने प्रकार के होते है?

डायबिटीज के कई प्रकार है, लेकिन मुख्य रूप से ये दो प्रकार के होते है। टाइप 1 डायबिटीज और टाइप 2 डायबिटीज।

टाइप 1 डायबिटीज – डायबिटीज के सभी मामलों में टाइप 1 डायबिटीज के रोगी सबसे कम मिलते है। इस बीमारी में अचानक शरीर में इंसुलीन का बनना पूरी तरह बंद हो जाता है। ज्यादातर लोग मानते है कि टाइप 1 डायबिटीज बच्चों की बीमारी है, लेकिन ये सच नही है। यह किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है। इसकी पहचान करनी है, तो मरीज़ के लक्षणों (प्यास अधिक लगना, पेशाब बार बार आना, वजन कम होना, थकान महसूस करना या फिर मूड बदलते रहना) से टाइप 1 डायबिटीज का पता चलता है। टाइप 1 डायबिटीज में मरीज़ को हमेशा इंसुलिन लेना पड़ता है।

टाइप 2 डायबिटीज- इसमे इंसुलिन कम बनता है और जो बनता है, वो असरदायी नही होता है। यह कई मामलों में, मोटापे और बदलते जीवनशैली के कारण होता है। टाइप 2 डायबिटीज का लक्षण कुछ हद तक टाइप 1 डायबिटीज जैसा ही होता है। हालांकि टाइप 2 डायबिटीज के मरीज़ को दवा देकर इंसुलिन को बढ़ाया जा सकता है।

डायबिटीज के कौन- कौन से टेस्ट है?

शुगर का पता लगाने लिए बल्ड टेस्ट कराया जाता है। इसके लिए दिन में दो बार टेस्ट किया जाता है। पहला टेस्ट सुबह खाली पेट और दूसरा टेस्ट नाश्ता करने के बाद होता है। खाली पेट ब्लड शुगर का नॉर्मल रेंज (100-120) और खाने के बाद नॉर्मल रेंज (130-160) है। अगर नॉर्मल रेंज से ज्यादा या कम रहता है तो डायबिटीज हैं।

डायबिटीज से दूसरे अंगों पर क्या क्या असर होता है?

इस बीमारी से दूसरे अंगों पर भी असर पड़ता है। शरीर में हाई बल्ड शुगर हो जाता है। इस कारण त्वचा, आंखों से जुड़ी परेशानियां, किडनी का फ़ेल होना, हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक और नर्वस सिस्टम डैमेज कर सकता है। डायबिटीज के मरीजों में सबसे अधिक मौत हार्ट अटैक या ब्रेन स्ट्रोक से होती है। 

डायबिटीज हो ही न, इसके लिए क्या करे?

अपनी लाइफस्टाइल बदलें- जीवन में छोटे- छोटे परिवर्तन बड़ा फर्क लाता है। इसलिए जरूरी है कि आप समय से सोये, सुबह जल्दी जगे। कम से कम आधे-एक घंटे रोज़ाना व्यायाम करें। हेल्दी और संतुलित भोजन खाएं और किसी प्रकार का नशा ना करे। ऐसा करने से आपको कभी डायबिटीज नही हो सकती हैं। लेकिन जो लोग पहले से ही डायबिटीज के पेशेंट है, वे सभी नीचे दिए गए उपायों पर अमल करें।


डायबिटीज से बचने के घरेलू उपाय क्या है?

यदि आपको दूर्भाग्यवश डायबिटीज हो गया है, तो हम आपको कुछ घरेलू टिप्स देने जा रहे है। इससे आपको ज़रूर फायदा होगा।

ग्रीन टी – जिन लोगों को डायबिटीज है, उनके लिए ग्रीन टी फायदेमंद है। ग्रीन टी में लो कैलोरी होता है, जो आपके मोटापे को नियंत्रित रखता है। ध्यान रहे मोटापा डायबिटीज का सबसे बड़ा कारण हैं।

करेले का जूस – करेला कड़वा ज़रूर होता है, लेकिन बड़ा गुणकारी होता है। डायबिटीज ठीक करना है या वजन कम करना है, तो इसका सेवन ज़रूर करें। आप चाहे तो इसका सब्जी या जूस बनाकर भी पी सकते हैं।

तुलसी के पत्ते – तुलसी के 2-3 पत्ते रोज़ाना सेवन करने से शरीर का शुगर लेवल कंट्रोल रहता है। तुलसी के पत्तों में एंटी-ऑक्सीडेंट और कई तत्व पाए जाते हैं, जो डायबिटीज को कंट्रोल करता है।

जामुन – जामुन दिमाग के साथ-साथ डायबिटीज में भी फ़ायदेमंद हैं। इसके बीज और पत्ते भी असरदायक है। इसके सूखे हुए बीजों को पाऊडर बनाकर पानी के साथ पिये।

मिक्स जूस – केला, खीरा और टमाटर, तीनों का जूस बनाकर खाली पेट पिये। इससे शुगर लेबल कम होता है।

आवला – डायबिटीज में आवला औषधि की तरह है। इसका बीज भी गुणकारी है। दोनों के सेवन से बड़ा लाभ मिलता है।

एलोवेरा जूस –  इसे आप चाहे तो जूस बनाकर पी सकते है। या इसके पत्ते को पानी में रखकर थोड़ी देर बाद उस पानी को पी सकते हैं। इससे डायबिटीज में आराम मिलता है।

डायबिटीज में कौन-कौन से व्यायाम फायदेमंद है?

धीरे दौड़े- दौड़ने से हमारे शरीर के हरेक अंगों में खून का तेजी से प्रवाह होने लगता है। यदि आप ऐसा रोज़ करते है तो आपका कोलस्ट्रोल कम होने लगता है। इस कारण शरीर में मौजूद इंसुलिन नियंत्रित तरीके से कार्य करने लगता है। धीरे और ध्यान से दौड़े वरना गिरने पर ज़ख्म भरने में वक्त लग सकता है।

डांस करे – अधिकतर लोग डांस करने में शर्माते है, लेकिन शर्माए नही। ये ऐसा एक्सरसाइज है, जिसमें शरीर के सभी अंगों का मूवमेंट होता हैं। डांस से स्ट्रेस कम होता है, दिमाग को आराम पहुँचाता है, और फैट को कम करता है। जिससे डायबिटीज पेशेंट को राहत मिलता है।

स्विमिंग – स्विमिंग सबसे आसान और सबसे बढ़िया एक्सरसाइज माना जाता है। इसे करने में पूरी बॉडी का मूवमेंट होता है। स्विमिंग करने से शरीर में रक्त शर्करा को बढ़ावा मिलता है और मोटापा भी कम होता है। 

योग – हमारे देश में योग प्राचीन काल से प्रभावशाली रहा है। खासकर डायबिटीज के मरीज़ों के लिए इससे बड़ा व्यायाम कोई हो ही नही सकता। कुछ योग का नाम मैं आपको बता देता हूँ, जो आपके लिए फायदे मंद हो सकते है- प्राणायाम, बलासन, वज्रासन, सर्वांगासन, धनुरासन, अर्ध मत्स्येन्द्रासन और चक्रासन।

डायबिटीज में क्या क्या नही खाए?

डायबिटीज गलत खान-पान के कारण भी हो सकता है, इसलिए खान-पान पर विशेष ध्यान दें।

प्रोसेस्ड फूड – ये फूड हमारे सेहत के लिए खतरनाक है। रिफाइंड तेल, नमक और चीनी का यूज कम से कम करें।

चावल – चावल के सेवन से डायबिटीज मरीज़ का शुगर लेवल बढ़ जाता है। चावल में कार्बोहाईड्रेट अधिक होता है, जो मरीज़ के शरीर को फूला देता है।

फास्ट फूड – फास्ट फूड जितना स्वादिष्ट होता है, उससे कहीं ज्यादा डायबिटीज पेशेंट के लिए खतरनाक होता है। फास्ट फूड में शुगर की मात्रा अधिक होती है।

चॉकलेट – डायबिटीज के मरीज़ को चॉकलेट बिलकुल नही खाना चाहिए। इसमे शुगर काफी ज्यादा होता है।

ये फल – आम, लीची, शकरकंद में शुगर प्रचुर मात्रा में होता है। इसका सेवन भी हानिकारक हो सकता है।

नशा कर सकते है या नही?

धूम्रपान एवं शराब का सेवन बिलकुल ना करें। यदि कर रहे है तो इसी समय छोड़ दें। जीवन बहुमूल्य हैं। अपना ख्याल रखें।

मैं आशा करता हूँ कि ये इंफॉर्मेशन आपके लिए फ़ायदेमंद साबित होंगे। अगर आपके मन में कोई सवाल है, या कोई सुझाव देना चाहते है तो कमेंट करें। हमसे जुड़े रहने के लिए Subscribe करें। धन्यवाद!

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