Tuesday, June 2, 2020
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एक बाल्टी के लिए दो राज्यों में हुआ था भयंकर युद्ध, 2,000 लोगों की हुई थी मौत

मानव इतिहास में सबसे बड़ी मुर्खतापूर्ण युद्ध, जब एक बाल्टी के लिए भयंकर युद्ध लड़ा गया और उसमे 2 हजार लोगों की जाने गई।

दुनिया के इतिहास में छोटे बड़े कई युद्ध हुए है, जिसमें हजारों लाखों लोग मारे गए। इसके बारे में आपने अपने किताबों या फिल्मों से जाना होगा। युद्ध का मुख्य कारण सत्ता पाना या किसी राज्य पर कब्जा करना रहा है। लेकिन कोई सिर्फ एक बाल्टी के लिए युद्ध करे तो हैरानी होती है। आपको भी आश्चर्य हो रहा होगा कि आखिर एक बाल्टी के लिए भला कौन युद्ध करेगा? बाल्टी के इस भीषण युद्ध में 2000 से अधिक लोग मारे गए थे।

बाल्टी के लिए ये लड़ाई आज से तकरीबन 7 सौ साल पहले इटली में लड़ी गई थी। ये ऐतिहासिक घटना 1325 की है। उस समय इटली में धार्मिक तनाव का माहौल था। दो राज्य आपस में काफी समय से लड़ रहे थे। इसमे एक राज्य बोलोग्ना और दूसरा मोडेना राज्य शामिल थी। बोलोग्ना को ईसाई धर्मगुरु पोप का समर्थन था, इसके चलते वहां के लोगों का मानना था कि पोप ही ईसाई धर्म के सच्चे गुरु हैं। इस बात से मोडेना इत्तेफ़ाक नही रखता था।



मोडेना को रोमन सम्राट का समर्थन मिला था। इसके चलते अक्सर बोलोग्ना पर हमले करता रहता था। इसी बीच 1296 में बोलोग्ना और मोडेना के बीच एक लड़ाई हुई, इसके बावजूद कोई हल नही निकला। दोनों के बीच तनाव बढ़ता चला गया। ये तनाव 1325 तक आते आते इतना बढ़ गया कि जंग में तबदील हो गई।

लकड़ी के बाल्टी को लेकर महा युद्ध की शुरूआत

सन् 1325 में मोडेना के कुछ सैनिकों ने खुफ़िया तरीके से बोलोग्ना के क़िले में घुस गये और एक लकड़ी का बाल्टी चुराकर चले गए। कहा जाता है कि वह बाल्टी हीरे जवाहरात से भरी हुई थी। बाल्टी चोरी की बात का पता लगने के बाद बोलोग्ना के सैनिकों ने मोडेना से वापिस देने की बात कही। लेकिन मोडेना ने बाल्टी वापिस करने से साफ इंकार कर दिया। इसके बाद बोलोग्ना ने युद्ध की घोषणा कर मोडेना पर हमला कर दिया।

वह बाल्टी दोनों राज्यों की नाक बन गई। दोनों में कोई झुकने वाला नही था। उस समय बोलोग्ना के पास करीब 32 हजार सेना थी, जबकि मोडेना के पास मात्र 7 हजार सैनिक थे। दोनों राज्यों के बीच भयंकर खूनी युदध हुई। हालांकि कम सैनिक होने के बावजूद इस महा युद्ध में मोडेना की जीत हुई। युद्ध में 2 हजार से भी अधिक सैनिक मारे गए थे। बोलोग्ना और मोडेना के बीच हुई इस लड़ाई को ‘वॉर ऑफ द बकेट’ या ‘वॉर ऑफ द ऑकेन बकेट’ के नाम से जाना जाता है। फिलहाल वह खूनी बाल्टी एक म्यूजियम में रखी हुई है, जिसे हर कोई इसलिए देखना चाहता है कि इसके लिए एक बड़ा युद्ध लड़ा गया था।


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