Saturday, September 26, 2020
Home लाइफस्टाइल Trump से गरीबी छुपाने के लिए झुग्गियों के सामने दीवारे खड़ी करना...

Trump से गरीबी छुपाने के लिए झुग्गियों के सामने दीवारे खड़ी करना किताना जरूरी

अहमदाबाद नगर निगम ने झुग्गियों में रहने वाले लगभग 45 परिवारों को घर खाली करने का नोटिस दिया है। तब से उन सभी परिवारों पर बेघर होने का संकट मडरा रहा है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत दौरे पर आने वाले है। उनकी बेहतर मेहमान नवाजी के लिए गुजरात सरकार जापान की हाई स्पीड बुलेट ट्रेन की तरह तैयारी शुरू कर दी है। जहां गंदगी थी वह अब साफ होने लगे है और जहां झुग्गी झोपड़ियां है वह भी, यानि उसके आगे लंबी दीवारे खड़ी की जा रही है। इसलिए नही की झुग्गी वाले लोग डोनाल्ड ट्रंप को ना देख पाए, बल्कि इसलिए की ट्रंप साहब को ये झुग्गी ग़लती से भी ना दिखे, वरना यहां के सरकार की पोल खुल जाएगी। भले ही झुग्गियों में रहने वाले 45 परिवार बेघर हो जाए, वह अपनी आशियाने के ग़म में सदमे में पहुंच जाए, मगर हटाना जरूरी है!

झुग्गियों के सामने दीवारे खड़ी करना किताना जरूरी

इस बात को तहसील से समझते है। दरअसल डोनाल्ड ट्रंप अपनी पत्नी मेलानिया के साथ 24 फरवरी को भारत आ रहे है। वह सबसे पहले गुजरात का दौड़ा करेंगे, जहां अहमदाबाद एयर पोर्ट से साबरमती आश्रम पहुंचेगे। यही कारण है कि अहमदाबाद एयर पोर्ट से साबरमती आश्रम के बीच के रास्ते को चमकाने की कोशिश हो रही है। इसी रास्ते में कुछ झुग्गी झोपड़ियां भी है, जिसे डोनाल्ड ट्रंप के नज़रों से छुपाने के लिए लंबी दीवारे खड़ी की जा रही है। इन झुग्गियों में लगभग 2 हजार लोग रहते हैं। यहां रहने वाले लोगों का आरोप है कि सरकार गरीबी को छुपाने के लिए दीवारे खड़ी कर रही है।


झुग्गियों में रहने वाले परिवार पर संकट

बता दे कि अहमदाबाद नगर निगम ने झुग्गियों में रहने वाले लगभग 45 परिवारों को घर खाली करने का नोटिस दिया है। तब से उन सभी परिवारों पर बेघर होने का संकट मडरा रहा है। डोनाल्ड ट्रंप के स्वागत में उनके कार्यक्रम का नाम ‘नमस्ते ट्रंप’ रखा गया है। ऐसे में झुग्गी वाले लोग ट्रंप साहब को कैसे नमस्ते करेंगे, जब घर से बाहर भेज दिए जाएंगे।

गरीबी छुपाए या नदियों की गंदगी

इस बार गरीबी को छुपाया जा रहा है और अगली बार गंदी नदियों को छुपाया जाएंगा। क्योकि ट्रंप साहब आगरा भी जाने वाले है, जहां वे पत्नी के साथ ताजमहल का दीदार करेंगे। यहां भी वही समस्या है। ताजमहल जाने के लिए यमुना नदी पार करना होगा। आप सभी जानते है कि यमुना नदी कितनी गंदी है। गंदगी से निकलती बदबू ट्रंप साहब तक ना पहुंचे, इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार की सिंचाई विभाग किसी तरह पॉलिस करने की कोशिश में है। सिंचाई विभाग यमुना में बुलंदशहर के गंगा नहर से 500 क्यूसेक पानी छोड़ना का फैसला लिया है। ताकि नदी साफ और बहती हुई दिखाई पड़े। मतलब साफ है कि सरकार और प्रशासन अपनी कमियों को छुपाना चाहती है।

जो चीज जैसी है उसे वैसे ही पेश क्यों ना किया जाए

साल 2019 में कहानीकार मंटो की बायोपिक फिल्म रिलीज हुई थी, जिसमे एक डायलॉग था-  “जो चीज जैसी है उसे वैसे ही पेश क्यों ना किया जाए, टाट को रेशम क्यों कहा जाए। हक़ीकत से इंकार करना क्या हमे बेहतर इंसान बनाएगा।“

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Jyotiba phule : महिलाओं के लिए खोला था पहला स्कूल, महात्मा फूले का जीवनी

ज्योतिबा फुले महान क्रांतिकारी, भारतीय विचारक, समाजसेवी, लेखक एवं दार्शनिक थे। 19वी सदी में समाज में फैली कई तरह के कुरीतियों को उन्होंने उखार...

नमक कई प्रकार के होते है, जानिए उसके फायदे और नुकसान (Salt)

हम सभी नमक का सेवन करते है। इसमे सोडियम का अच्छा श्रोत पाया जाता है, जो हमारे पाचन क्रिया को बायलेंस करता है। लेकिन क्या आप जानते है कि नमक कितने प्रकार के होते है? आज आपको बताएंगे कि कौन कौन से नमक होते है और कौन से नमक आपके सेहत के लिए फायदेमंद है।

झील में बना भारत का अनोखा महल, पानी में बने 5 मंजिला इमारत की दिलचस्प कहानी

राजस्थान अपने विरास्तों के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। यहां कुछ ऐसी ऐतिहासिक इमारते है, जो आज भी शानों शौकत से खड़ी है और...

रूस लड़ रहा एक साथ तीन लड़ाई, कोरोना, जंगल की आग और नई सड़क बड़ा ख़तरा

कोरोना वायरस पूरी ​दुनिया के लिए संकट बना हुआ है, जिससे सभी देश लड़ने में लगी हुई है। इसी बीच रूस (Russia) तीसरी मार से जुझ रहा है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) इस समय कोरोना के साथ चेर्नोबिल परमाणु संयंत्र के पास जंगल में लगी आग और मॉस्को मोटरवे की घटना की मार से जुझ रहे है।

Recent Comments

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com