Saturday, September 26, 2020
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Indian Army: क्यों मनाया जाता है सेना दिवस, किसे दी जाती है सलामी, जानिए इतिहास

भारतीय सेना दिवस हर साल 15 जनवरी को मनाया जाता है। इस दिन नई दिल्ली व सभी सेना मुख्यालयों में सेना प्रमुख सैन्य परेड की सलामी लेते हैं। कुछ लोगों के मन में सवाल आता है कि भारतीय सेना दिवस 15 जनवरी को ही क्यों मनाया जाता है? अगर आपको नही पता तो हम बताने जा रहे है। साथ ही भारतीय सेना से जुड़े तथ्य को जानेंगे।


भारतीय सेना दिवस 15 जनवरी को ही क्यों?

देश की आज़ादी के बाद भी भारतीय सेना के अध्यक्ष ब्रिटिश कमांडर-इन-चीफ जनरल फ्रांसिस ही थे। उस समय भारत-पाक शरणार्थियों के आवागमन से दंगे- फसाद का माहौल था। ऐसे में प्रशासनिक समस्याएं बढ़ने लगी थी। तब भारतीय सेना को सामने आना पड़ा। जनरल केएम करियप्पा भारतीय थल सेना के प्रमुख के रूप में (15 जनवरी 1949) पद भार संभाला। तब देश के लिए गर्व की बात थी। इसी उपलक्ष्य में हर साल 15 जनवरी को भारतीय सेना दिवस मनाया जाता है। जब देश को पहला सेना प्रमुख मिला था, तब भारतीय सेना में करीब 2 लाख सैनिक मौजूद थे।

कौन थे जनरल केएम करियप्पा?

भारत के पहले सेना प्रमुख केएम करियप्पा का जन्म 1899 में कर्नाटक में हुआ था। उन्होंने महज 20 वर्ष की उम्र में ब्रिटिश इंडियन आर्मी में नौकरी की शुरुआत की। साल 1947 में हुए भारत-पाकिस्तान युद्ध में उन्होंने भारतीय सेना का नेतृत्व किया। आज़ादी के बाद वे पहले भारतीय थल सेना के प्रमुख बने। उसके बाद फ़ील्ड मार्शल का भी पद भार संभाला। साल 1953 में वे सेना से रिटायर हो गए। इसके बाद वे करीब 2 साल न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया में हाई कमिश्नर के रूप में कार्य किया। साल 1993 में 94 साल की उम्र में उनका निधन हो गया।

कब हुआ था भारतीय थल सेना का गठन?

भारतीय सेना का गठन 1776 में ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा कोलकाता में किया था। हालांकि ऑफिशियली डेट 1 अप्रैल 1895 को भारतीय थल सेना का गठन बताया जाता है। तब ईस्ट इंडिया कंपनी के सैनिकों को ही भारत के थल सेना का हिस्सा बनाया गया था। उसे ब्रिटिश इंडियन आर्मी कहा जाता रहा, लेकिन देश की आज़ादी के बाद उसे भारतीय सेना का नाम दिया गया।


दुनिया में तीसरे नंबर पर है भारतीय सेना

दुनिया में भारतीय थल सेना तीसरे नंबर पर है। लगभग 13 लाख सैनिक भारतीय थल सेना में अलग-अलग पदों पर काबीज हैं। वर्त्तमान आंकड़ें देखे तो भारतीय थल सेना में एक्टिव 1,200,255 सैनिक और रिजर्व 909,60 सैनिक शामिल हैं। भारतीय थल सेना का मुख्यालय दिल्ली में है।

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