Tuesday, August 11, 2020
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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर 5 भारतीय महिला खिलाड़ियों की प्रेरणादायक कहानी

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर दुनिया भर में महिलाओं और उनके जज्बे को सलाम किया जा रहा है। आज हम आपको पांच बेहतरीन भारतीय महिला खिलाड़ियों की प्रेरणादायी कहानी बताने जा रहे है, जिन्हे जानकर आप भी इन महिलाओं के हौसले को सलाम करेंगे। तो आइए शुरू करते है।



गीता फोगाट (Geeta Phogat)

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दुनिया में प्रसिद्ध भारतीय महिला पहलवान गीता फोगाट हर महिलाओं के लिए एक मिशाल है। वे साल 2010 में राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनी और भारत का तिरंगा पूरी दुनिया में ऊंचा किया। गाँव के दंगल से पहलवानी शुरू करने वाली गीता ने जिला और राज्य स्तर पर सबको पछाड़ने के बाद नेशनल व इंटरनेशनल मुकाबलों में जीत का पर्चम लहड़ाया। साल 2009 में  राष्ट्रमंडल कुश्ती चैपियनशिप में गीता गोल्ड मेडल जीती। उसके बाद साल 2012 में उन्होंने एशियन ओलंपिक टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल जीतकर  इतिहास रचा।

कुश्ती के क्षेत्र में छोड़ी गीता फोगाट का आज भले ही बड़ा नाम बन गया है। उनके जीवन पर आधारित स्टार आमिर खान अभिनित फिल्म 2016 में आई थी, मगर गीता को बचपन से समाज की रूढ़िवादी सोच का प्रताड़ना झेलना पड़ा। लड़की होकर कुश्ती खेलेगी इस तरह के ताने को सुन सुनकर गीता और भी मजबूत होती गई और पहलवानी के दाव पेंच सीखते सीखते खुद को पहलावन बना लिया। लड़कियाँ किसी भी क्षेत्र में लड़कों से पीछे नही है। ऐसा साबित करके गीता ने आलोचना करने वालों पर जोड़दार तमाचा मारा।

गीता को कुश्ती के क्षेत्र में लाने के लिए पिता  महावीर सिंह फोगाट का बड़ा संघर्ष रहा। वे 80 के दशक में पहलवान थे। जब उन्हे पहलवानी में खास सफलता नही मिली तो अपनी बेटियों को की पहलवानी सिखानी शुरू कर दी। 15 दिसम्बर 1988 को हरियाणा राज्य में जन्मी गीता अपने पिता की सपनों को पूरा करने के लिए कठोर मेहनत और अति संघर्ष किया। आज गीता देश और दुनिया के सभी महिलाओं के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर गीता को हम सभी देशवासियों का सलाम!

दीपिका कुमारी (Deepika Kumari)

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वर्ल्ड रैंकिंग में पांचवे नंबर पर आने वाली भारतीय महिला तीरंदाज दीपिका कुमारी किसी परिचय की मुहताज नही है। साल 2010 में दिल्ली कॉमनवेल्थ खेलों में दीपिका ने गोल्ड मेडल जीता था। साल 2012 में व्यक्तिगत स्पर्धा के श्रेणी में दीपिका को वर्ल्डकप मिला। साल 2011 और 2012 में दीपिका एकल खेलों में रजत पदक जीती, जिसके लिए उन्हे साल 2013 में अर्जुन पुरस्कार से नवाजा गया।

एक के बाद एक भारत को जीत दिलाने वाली दीपिका कुमारी का जन्म रिक्शा चालक के घर 13 जून 1994 को झारखंड में हुआ था। निर्धन परिवार में पली बढ़ी दीपिका ने कभी भी तीरंदाजी में रोड़ा आने नही दिया। दीपिका ने अपनी कठोर मेहनत और  तीरंदाजी के दांव-पेच सीखने के बाद पहली बार 2006 में मैरीदा मेक्सिको में आयोजित वर्ल्ड चैंपियनशिप का हिस्सा बनी और कम्पाउंट एकल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल किया। इसके बाद दीपिका ने फिर कभी पीछे मुड़कर नही देखा। दिनों दिन तरक्की के राह पर चलकर दुनिया में भारत का नाम रौशन किया। साल 2016 में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने दीपिका को पद्म श्री से सम्मानित किया। दीपिका को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के शुभ अवसर पर हमारा सलाम!



पीवी सिंधू (PV Sindhu)

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भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ियों में पीवी सिंधू का बड़ा नाम है। ओलम्पिक खेलों में महिला एकल बैडमिंटन का पदक जीतने वाली वे पहली महिला खिलाड़ी हैं। इतना ही नही वह वर्ल्ड चैंपियनशिप जीतने वाली पहली भारतीय महिला शटलर भी हैं। सिंधू पहली भारतीय महिला बैडमिंटन प्लेयर हैं, जिन्होंने वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। लड़कियों को प्रेरित करने वाली सिंधु को पद्मश्री, पद्म भूषण और अर्जूण पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका हैं।

पीवी सिंधू भी साइना नेहवाल की तरह हैदराबाद राज्य से हैं। उनका जन्म वालीबॉल के पूर्व खिलाड़ी पी.वी. रमण और पी. विजया के घर 5 जुलाई 1995 को हुआ था। चूंकि माता-पिता वॉलीबॉल खिलाड़ी थे, इसिलिए सिंधू को खेल में बचपन से स्पोर्ट मिला। कई इंस्टिच्युशन में खेल के सारे गुड़ सिखने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, सिंधू कोलंबो में आयोजित 2009 में सब जूनियर एशियाई बैडमिंटन चैंपियनशिप का हिस्सा बनी और कांस्य पदक अपने नाम किया। तब से वे लगातार शिखर की बुलंदियों पर चढ़ती चली गई। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर पीवी सिंधू को हमारा सलाम!

मिताली राज (Mithali Raj) 

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भारतीय महिला क्रिकेट की दुनिया में मिताली राज को सबसे कामयाब बल्लेबाजों में गिना जाता है। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट मैच में दोहरा शतक लगाकर पहली भारतीय महिला प्लेयर बनी। इतना ही नही, मिताली ही एकमात्र ऐसी खिलाड़ी हैं, जिन्होंने आईसीसी ओडीआई विश्व कप फाइनल में दो बार भारत का नेतृत्व किया। मिताली ने टेस्ट क्रिकेट में 51 रन और वनडे क्रिकेट में 48.82 का औसत रन बनाकर कूल 5,000 रन बनाने वाली खिलाड़ियों में शामिल हुई।  क्रिकेट में अपना अहम योगदान देने के लिए मिताली को साल 2004 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

महिला बल्लेबाज मिताली राज का जन्म 3 दिसम्बर 1982 को राजस्थान में हुआ था। बचपन से नृत्य में दिलचस्पी थी, इसलिए ‘भरतनाट्यम’ का क्लास किया। फिर दिलचस्पी क्रिकेट की तरफ बढ़ी तो मिताली नृत्य छोड़कर क्रिकेट सीखने लगी। साल 1999 में एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में वह पहली बार हिस्सा बनी, जिसमें उन्होंने नाबाद 114 रन बनाए। इस तरह से जो सिलसिला शुरू हुआ मिताली का धुआधार पारी अब तक जारी है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर भारतीय महिला क्रिकेट कप्तान को हमारा सलाम!


मेरी कॉम (Mary Kom)

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भारतीय महिला मुक्केबाज मेरी कॉम सभी लड़कियों के लिए मिशाल हैं। उन्हे कौन नही जानता। पांच बार वर्ल्ड चैंपियन रह चुकी मेरी कॉम ने कूल 6 पदक जीते हैं। साल 2012 ओलंपिक में जीत हासिल करने वाली एक मात्र भारतीय महिला बॉक्सर थीं, जिन्होंने ब्रान्ज मेडल जीता था। इतना ही नही मेरी एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बॉक्सर हैं। मेरी ने अपनी शानदार करियर में भारत का बड़ा मान बढ़ाया। इसके लिए उन्हे पद्मश्री, पद्म भूषण, अर्जुन अवॉर्ड के साथ खेल रत्न से भी सम्मानित किया गया। हालांकि मेरी जिस किसान परिवार से आती थी उनके लिए ये सब नामुमकिन सा था।

नामुमकिन को मुमकिन करने वाली मेरी कॉम का जन्म 1 मार्च 1983 में मणिपुरी में हुआ था। चार भाई बहनों में सबसे बड़ी मेरी के पिता एक किसान थे। सभी भाई बहनों में बड़ी होने को कारण मेरी बहुत कम उम्र से ही काम करने लगी और समय मिलने पर पढ़ाई भी की। बाद में मेरी के अंदर एथलीट बनने का सपना जगा। परिवार वालों के विरोध के बावजूद मेरी ने प्रैक्टीस शुरू की। साल 2001 में मेरी को अन्तराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का मौका मिला। उसके बाद साल 2002 में तुर्की में आयोजित AIBA वीमेन बॉक्सिंग चैम्पियनशीप में पहला गोल्ड मेडल जीता। मेरी कॉम के जीवन पर आधारित फिल्म ‘मेरी कोम’ साल 2014 में आई थी। मेरी के किरदार में प्रियंका चोपड़ा नजर आई थी। इस अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर मेरी कॉम को हमारा सलाम!

आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर हमने आपको पांच बेहतरीन महिला खिलाड़ियों के प्रेरणादायी कहानी बताया। आशा है आपको पसंद आया होगा। यदि आप हमे कोई राय देना चाहते है तो कमेंट करें और हमसे जुड़े रहने के लिए Subscribe करें। धन्यवाद!

2 COMMENTS

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