Friday, July 10, 2020

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को 30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोडसे ने तीन गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या की तारीख से 10 दिन पहले भी बापू को मारने की साज़िश रची गई थी, लेकिन उस दिन हमलावर बापू को मारने में असफल हो गए थे। इस हमले के साजिशकर्ताओं में नाथुराम गोडसे, नारायण आप्टे, विष्णु करकरे, गोपाल गोडसे, दिगंबर बाजे, शंकर किस्तायत और मदनलान पहवा थे।


महात्मा गांधी की मृत्यु की पहली साज़िश

20 जनवरी 1948 को बापू एक प्रार्थना सभा को संबोधित कर रहे थे, जिसमे आजादी और बंटवारे के बाद शरणार्थियों की स्थिति व तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभ भाई पटेल के बीच मतभेदों को लेकर चर्चा कर रहे थे। इसी दौरान साजिशकर्ताओं ने भीड़ को तितर बितर करने के लिए विस्फोट कर दिया। लोगों में अफरा तभरी का माहौल बन गया, लेकिन बापू वहीं बैठे रहे और पास में घबराई मनु गांधी को हौसला बढ़ाते हुए कहा- ‘आप घबराई हुई क्यों है? शायद सुर्क्षाकर्मियों को गोली चलाने का अभ्यास कराया जा रहा होगा। लेकिन वह विस्फोट बापू से महज 75 फुट की दूरी पर हुई थी, जो साज़िश का हिस्सा था।

महात्मा गांधी की मृत्यु की तारीख

बापू की हत्या के दिन दिल्ली के बिड़ला भवन में वे संध्याकालीन प्रार्थना के लिए जा रहे थे। तभी नाथूराम गोडसे बापू के करीब आ गया। पहले वह बापू के पैर छुए और फिर सामने से उनके सीने में बैरेटा पिस्तौल से धर धर तीन गोलियां मार दी। 2 गोलियां बापू के शरीर के आर-पार हो गयी, लेकिन 1 गोली उनके शरीर में ही फंस गयी। इस तरह अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी को मौत के घाट उतार दिया गया। गांधी भले ही हमारे बीच नही है, लेकिन उनके विचार आज भी पूरी दुनिया में उन्हे अमर बनाये रखा है। आगे जानिए गांधी के अनमोल विचार।


महात्मा गांधी के अनमोल विचार:- 

  1. व्यक्ति अपने विचारों से सब कुछ बनता है। वह जो सोचता है, वह बन जाता है।
  2. कमजोर व्यक्ति कभी क्षमाशील नहीं हो सकता। क्षमाशीलता ताकतवर व्यक्ति की निशानी है।
  3. अपनी गलती मानना झाड़ू लगाने के बराबर है। जिस तरह झाड़ू गंदगी को साफ कर देती है, ठीक उसी तरह गलती को मानने से हमारा मन भी साफ होता है।
  4. गलती करने की आजादी ही, सच्ची मायने में आजादी है।
  5. समझदार व्यक्ति काम करने से पहले सोचता है, जबकि मूर्ख व्यक्ति काम करने के बाद सोचता है।
  6. ताकत शारीरिक शक्ति से नहीं बल्कि यह अदम्य इच्छाशक्ति से आती है।
  7. एक सभ्य घर विद्यालय के समान है और अच्छे अभिभावक शिक्षक के समान है।
  8. किसी देश की महानता और उसकी नैतिक उन्नति का अंदाजा आप वहां के जानवरों के साथ होने वाले व्यवहार को देखकर लगा सकते है।
  9. मेरा धर्म सत्य और अहिंसा है। सत्य मेरा भगवान है और अहिंसा उसे पाने का साधन है।
  10. किसी व्यक्ति की पहचान उसके कपड़ों से नहीं होती, उसका चरित्र उसकी पहचान बताती है।
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