हृदय रोग क्या है? कैसे होता है? क्या लक्षण हैं? कैसे बचें? सबकुछ जानें

दिल हमारे शरीर का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका हम ध्यान नही रख पाते है। गलत लाइफस्टाइल, अनियमित भोजन, प्रदूषण और अपनी भविष्य की अधिक चिंता के कारण हमारा दिल कमजोर हो जाता है। इसी वजह से दिल से संबंधित रोग होते हैं।

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हृदय रोग क्या है? कैसे होता है? क्या लक्षण हैं? कैसे बचें? सबकुछ जानें

हृदय रोग (Heart Disease) एक ऐसी जानलेवा बीमारी है, जिसके मरीज़ आस पड़ोस के हर परिवारों में कोई न कोई मिल ही जाता है और ज्यादातर मौतें हृदय रोग से ही होती है। एक आकड़े के मुताबिक 1 हजार लोगों में तकरीबन 275 लोगों की मौत हृदय रोग से होता है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि दिल की बीमारी के बारे में अधिकतर लोगों को कुछ पता नही होता है। अगर समय रहते इस बीमारी का पता लगा लिया जाए तो निश्चित तौर पर जान बच सकती हैं।

हृदय रोग क्या है? कैसे होता है? क्या लक्षण हैं? कैसे बचें? (Everything Know About Heart Disease In Hindi)



हृदय रोग क्यों होता है?

दिल हमारे शरीर का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका हम ध्यान नही रख पाते है। गलत लाइफस्टाइल, अनियमित भोजन, प्रदूषण और अपनी भविष्य की अधिक चिंता के कारण हमारा दिल कमजोर हो जाता है। इसी वजह से दिल से संबंधित रोग होते हैं।

हृदय रोग की शुरूआत कैसे होती है?

  1. सांस की समस्या – हृदय रोगी को शुरूआत में कुछ संकेत मिलने लगते है। जैसे- अगर आपको सांस लेने में दिक्कत आ रही है या सांस फूल रही है, तो इसका मतलब आपका दिल फेफड़े में पर्याप्त ऑक्सीजन नही पहुँचा पा रही है। यह लक्षण हृदय रोग का हो सकता हैं।
  2. छाती की समस्या आपके छाती मे जलन और जकड़न की समस्या है या अचानक से सीने में खिंचाव महसूस हो रहा है, तो ये भी हृदय रोग का लक्षण हो सकता है।
  3. दिल का बाधित होना – थकान, चक्कर या तेज पसीना आ रहा है। इसका मतलब आपका दिल सही तरीके से कार्य नही कर पा रहा है, इसलिए दिमाग को पर्याप्त ऑक्सीजन नही मिल पा रही है। ऐसी स्थिति हृदय रोग हो सकता है।
  4. सीने में दर्द – अगर आपके सीने में हल्का दर्द है, तो ये संकेत भी हार्ट डिजीज के लिए ज़िम्मेवार हो सकते है।

हृदय रोग किस उम्र में सबसे ज्यादा होती है?

दिल की ये खतरनाक बीमारी आमतौर पर 50 वर्ष से ज्यादा आयु वर्गों में देखी जाती है। पर, इसका मतलब ये बिलकुल भी नही है कि दूसरे आयु वर्ग में नही होते। दिल की बीमारी बच्चों को भी होते है, लेकिन बच्चों में कम और 50 वर्ष के व्यक्तियों में ज्यादा देखने को मिलते है। कहा जाता है कि पुरूषों के मुकाबले महिलाओं में हृदय रोग अधिक होते है, लेकिन ये यथार्थ से पड़े है।



हृदय रोग के टेस्ट कौन कौन से है?

वैसे तो हृदय रोग का पता लगाने के लिए कई तरह के टेस्ट है, मगर कुछ सामान्य टेस्ट मैं आपको बता देता हूँ।

  1. इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ECG) – इसीजी के जरिए हृदय की इलेक्ट्रिकल एक्टिवीटी को रिकॉड किया जाता है। जिससे हृद्य रोग को पहचानने-समझने में मदद मिलती है।
  2. इकोकार्डियोग्राफी (Echocardiography) – इसमे हृद्य रोगी के हार्ट का अल्ट्रासाउंड होता है।
  3. ट्रेडमिल टेस्ट (Treadmill test) – इसमे पेशेंट को ट्रेडमिल पर चलवाया जाता है और चेक किया जाता है कि चलते समय मरीज के लक्षण ECG में क्या चेंजेस लाते है। इसके बाद ही पता चलता है कि मरीज को हृद्य रोग है या नही।

हृदय रोग कितने प्रकार के होते है?

हृदय रोग कई प्रकार के होते हैं। जैसे-

1 कोरोनरी धमनी रोग
2 कार्डियोमायोपैथी
3 हृदय का संक्रमण
4 एरिथमिया
5 जन्मजात हृदय दोष
6 हृदयाघात

हृदय रोग का घरेलू उपचार क्या है?

  1. साबुत अनाज – इसमे फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इसके अवाला इसमे कई अन्य पोषक तत्व पाए जाते है, जिसके सेवन से बल्ड प्रेशर कंट्रोल रहता है। साथ ही दिल शक्तिशाली बनता हैं।
  2. शहद – शहद खाने से भी दिल मजबूत बनता है। यह खून के विकारों को खत्म कर हृदय रोग को धीरे-धीरे दूर करने में मदद करता हैं।
  3. अनार – हृदय रोग में दिल की घबराहट, तेज धड़कने और पसीना आ रही हो, तो मीठा अनार खाना चाहिए। इससे काफी राहत मिलती है।
  4. अंगूर – हृदय रोग में मरीज़ को दौरा पड़ रहा हो, तो अंगूर का रस देना चाहिए। इससे आराम मिलता है।
  5. अमरूद – दिल की कमज़ोरी को दूर करने में अमरूद उपयोगी साबित हो सकता है।
  6. लौकी – हृदय रोग में रोज़ाना सुबह-शाम लौकी की सब्ज़ी का सेवन, या उसका सूप पीने से काफी लाभ मिलता है।
  7. ग्रीन टी- हृदय रोग से पीड़ित लोगों के लिए ग्रीन टी राम बान इलाज है। एक अध्ययन में बताया गया कि जो लोग सुबह-शाम ग्रीन टी पीते है, उनमें मृत्यु दर उनके मुकाबले लगभग 16 प्रतिशत कम देखा गया है।



हृदय रोग में क्या नही खाना चाहिए?

हृदय रोगियों को अपने खान- पान पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पड़ती है। कुछ भी नही खाना चाहिए। इससे आप परेशानी में पड़ सकते है।

  1. घी-मक्खन – घी-मक्खन में कोलेस्ट्रोल अधिक होता है, जिसके सेवन से मोटापा बढ़ता है। मोटापा हृदय रोग का कारण बनता है। तली हुई चीजें भी नुकसानदेह है। हृदय रोग में फास्ट फूड बिलकुल भी न खाए।
  2. चीनी-नमक – खाने में नमक और चीनी स्वाद बढ़ाता है, किंतु जो लोग अधिक मात्रा में इसका सेवन करते है। उन्हे हाई बल्ड प्रेशर की समस्या हो सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल, जो हम सभी करते है।

दिल का धड़कना बंद होने से मृत्यु क्यों होती है?

जब हमारा दिल धड़कना बंद हो जाता है, तो हमारे दिमाग में खून पहुंचना भी बंद हो जाता है। इस कारण कुछ समय बाद हमारा दिमाग मर जाता है। मेडिकल साइंस में इसे ब्रेन डेड कहा जाता है। अगर हमारा दिल फिर से धड़कना शुरू भी कर दे तो इंसान दोबारा जिंदा नही हो सकता, क्योंकि एक बार जो दिमाग बंद हो जाता है। वह दोबारा काम नही करता है।

क्या दिल का धड़कना बिना किसी कारण के रूक सकता है?

हमारा दिल हमारे बस में नही रहता, कभी भी रुक सकता है। इसे ऐसे समझिए- हमारा फेफरा हर समय फूलता और सिकुड़ता रहता है। फूलते समय वह ख़ून को अपने अंदर भरता है और भरे हुए खून को पूरे शरीर में पहुँचाता है, तब फेफरा सिकुड़ता है और ये प्रक्रिया सतत चलती रहती है। अगर कुछ पलों के लिए भी बंद हुई तो गये काम से।

क्या तीसरे हार्ट अटैक में कोई नही बचता?

इन बातों में कोई सच्चाई नही है। कई बार देखा गया है कि कुछ लोग चार- पांच बार हार्ट अटैक आने के बावजूद जिंदा बच जाते है और कुछ लोग एक अटैक में ही मर जाते है। ये सब हार्ट अटैक पर निर्भर करता है। किसी को छोटा हार्ट अटैक आता है, तो किसी को बड़ा हार्ट अटैक आता है।

नशा करना चाहिए या नही?

सिगरेट और शराब का सेवन बिलकुल भी ना करें। यदि कर रहे है तो इसी समय छोड़ दें। जीवन बहुमूल्य हैं। अपना ख्याल रखें।

हमे आशा है कि ये इंफॉर्मेशन आपको पसंद आई होगी। अगर आपके मन में कोई सवाल है, या कोई सुझाव देना चाहते है तो कमेंट करें। हमसे जुड़े रहने के लिए Subscribe करें। धन्यवाद!

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