Friday, September 25, 2020
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Uttarakhand Vs Jharkhand: एक ही समय में बने इन दो राज्यों में कौन सबसे बेहतर?

भारत के दो ऐसे राज्य हैं जिसका निर्माण एक साथ हुआ था। सालों से चल रही माँग और कई आंदोलनों के पश्चात इन राज्यों का गठन हुआ था। इनमे उत्तराखण्ड का नाम पहले आता है, जो 9 नवंबर 2000 से पहले उत्तर प्रदेश राज्य का हिस्सा हुआ करता था। उत्तराखण्ड राज्य के बनने के कुछ दिन बाद एक नये राज्य के रूप में झारखण्ड का नाम सामने आया, जो 15 नवंबर 2000 को बिहार से विभाजित होकर झारखंड राज्य का सृजन हुआ। उत्तराखण्ड और झारखण्ड का निर्माण एक ही समय में होने के कारण 2019 में उम्र भले ही बराबर हो, लेकिन दोनों राज्यों के विकास में भारी अंतर है। हम इन दोनों राज्यों के बीच मुख्य अंतर और इनकी विशेषताओं को जानेंगे।

क्षेत्रफल Area

उत्तराखण्ड क्षेत्रफल के मामले में भारत का 13वाँ सबसे बड़ा राज्य है।

  • उत्तराखण्ड का क्षेत्रफल 53,483 वर्ग किमी है।
  • उत्तराखण्ड में 13 जिले हैं, जिसमे नैनिताल, पिथौरागढ़, देहरादून, हरिद्वार और उत्तरकाशी प्रमुख जिले हैं।

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झारखण्ड क्षेत्रफल के मामले में भारत का 15वाँ सबसे बड़ा राज्य है।

  • झारखण्ड का क्षेत्रफल 79,714 वर्ग किमी है।
  • इस राज्य की सीमाएँ पूर्व में पश्चिम बंगाल, पश्चिम में उत्तर प्रदेश एवं छत्तीसगढ़, दक्षिण में उड़िसा और उत्तर में बिहार मिलती हैं।

जनसंख्या Population

उत्तराखण्ड की जनसंख्या भारत के सभी राज्यों में 20वे नंबर पर है।

  • 2011 की जनगणना के अनुसार, उत्तराखण्ड की आबादी लगभग 1 करोड़ 1 लाख 16 हजार हैं। इसमें पुरूषों की आबादी लगभग 51 लाख 37 हजार है, जबकि महिलाओं की आबादी लगभग 49 लाख 48 हजार हैं।
  • इस राज्य में जनसंख्या घनत्व प्रति वर्ग किमी में 189 लोग निवास करतेहैं।
  • उत्तराखण्ड में लिंगानुपात 1000 पुरूषों पर 963 महिलाएं हैं।
  • चाइल्ड लिंगानुपात 1000 बच्चों पर मात्र 890 बच्चियां हैं।

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झारखण्ड की जनसंख्या भारत के सभी राज्यों में 14वे नंबर पर है।

  • 2011 की जनगणना के अनुसार, झारखण्ड की आबादी लगभग 3 करोड़ 29 लाख 88 हजार हैं जिसमें पुरूषों की आबादी लगभग 1करोड़ 69 लाख 30 हजार है, जबकि महिलाओं की आबादी लगभग 1 करोड़ 60 लाख 57 हजार हैं।
  • राज्य का आबादी घनत्व प्रति वर्ग किमी में 414 लोग निवास करते है, जो उत्तराखण्ड से लगभग ढ़ाई गुना ज्यादा हैं।
  • उत्तराखण्ड में लिंगानुपात 1000 पुरूषों के मुकाबले 948 महिलाएं हैं।
  • चाइल्ड लिंगानुपात 1000 बच्चों पर मात्र 948 बच्चियाँ हैं।

धर्म Religion

उत्तराखण्ड में अलग अलग धर्मों के लोग रहते है। इनकी संख्या इस प्रकार हैं।

  • हिन्दू- 85%, मुस्लिम- 11.92%, सिख- 2.49%, इसाई- 0.32 और अन्य 0.27%

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उत्तराखण्ड की तरह झारखण्ड में भी अलग अलग धर्मों को मानने वाले लोग रहते है। इनकी संख्या इस प्रकार हैं।

  • हिन्दू-  67.8%, मुस्लिम- 14.5%सिख- 0.22%इसाई- 4.3%और अन्य 12.84%

साक्षरता दर Literacy Rate

उत्तराखण्ड की साक्षरता दर सभी राज्यों के मुकाबले 17वें नंबर पर है।

  • साल 2011 की जनगणना के अनुसार, इस राज्य की साक्षरता दर 79.63 प्रतिशत है। इसमे पुरूषों की साक्षरता दर 88.33 प्रतिशत है, जबकि महिलाओं की साक्षरता दर 70.70 प्रतिशत है।

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झारखण्ड राज्य की साक्षरता दर भारत में 22वें नंबर पर आता हैं।  

  • साल 2011 की जनगणना के अनुसार, झारखंड की कुल साक्षरता दर 66.41 प्रतिशत है। इसमे पुरुषों की साक्षरता दर 76.84 प्रतिशत है, जबकि महिलाओं की साक्षरता दर 55.42 प्रतिशत है।

जीडीपी Gross Domestic Product

जीडीपी किसी भी देश की आर्थिक सेहत को मापने का सबसे ज़रूरी पैमाना है। जीडीपी के जरिए  वस्तु और सेवाओं के उत्पादन की क़ीमत आंकी जाती है। भारत में जीडीपी की गणना हर तीसरे महीने यानी तिमाही को होती है।

  • 2019 में उत्तराखण्ड की GDP 2.63 लाख करोड़ रूपये हैं, जो भारत के सभी राज्यों में 19वें नंबर पर है।
  • राज्य का प्रति व्यक्ति औसत सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 194,293 रूपये हैं।
  • अलग अलग सेक्टर में उत्तराखण्ड की जीडीपी इस प्रकार है- कृषि– 11 प्रतिशत, उद्योग- 49 प्रतिशत, और सेवाएँ- 40 प्रतिशत

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  • साल 2017-18 में झारखण्ड की जीडीपी 2.55 लाख करोड़ रूपये थी, तब भारत के सभी राज्यों में झारखण्ड 20वें नंबर था।
  • झारखंड का प्रति व्यक्ति औसत सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 63,754 रूपये हैं।

पर्यटन स्थल Tourist Place

उत्तराखंड ख़ासकर देवभूमि या देवों की भूमि के रूप में भी जानी जाती हैं। यहाँ हिमालय की खूबसूरती देखते बनती है। चांदी के फेयर, ओक, बिर्च और रोडोडेंड्रोन के अलावा यहाँ की खड़ी पहाड़ी, ढलानों पर चढ़ने का खूबसूरत अनुभव भी पर्यटकों को खूब भाता हैं।

  • हिल्स स्टेशन- उत्तराखंड में कई हिल्स स्टेशन हैं। जैसे– धनोल्टी, लैंसडाउन, सटल, मसूरी रानीखेत अल्मोड़ा, कौसानी, भीमताल, नैनीताल, धनोल्टी, लैंसडाउन, सटल और रानीखेत हैं। ये सभी हिल्स स्टेशन पर्यटकों को आने पर मजबुर करती हैं।
  • ऋषिकेश हिमालय के गोद में बसा ऋषिकेश धार्मिक दृष्टिकोण और अपनी प्राकृतिक सौन्दर्य के लिए जानी जाती है। यहाँ हर सुबह पहाड़ियों के पीछे से निकलता हुआ सूर्य, कोहरे में ढकी पहाड़ी चोटियाँ, पर्यटकों को एक अलग अनुभव का अहसास कराता है।
  • कुंभ मेला- हरिद्वार में प्रत्येक बारह वर्षों में एक विश्व प्रसिद्ध कुंभ मेले का आयोजन होता है, जिसमें लाखों की संख्या में भक्त शामिल होकर पवित्र गंगा नदी में डुबकी लगाते हैं।  
  • बद्रीनाथ– ये तीर्थस्थल भगवान विष्णु को समर्पित है। इसका ज़िक्र विभिन्न वेदों और पुराणों में मिलता हैं।
  • अन्य प्रमुख पर्यटन स्थल हैं- राजाजी नेशनल पार्क, वैली ऑफ फ्लावर्स,कनाताल, जोशीमठ, मुक्तेश्वर, नौकुचियाताल, बागेश्वर मंदिर, कौसानी, मध्यमहेश्वर मंदिर, कुमाऊ, मुनस्यारी, लेंसडाउन और मध्यमहेश्वर मंदिर।

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झारखण्ड में प्रकृति ने एक ओर ख़ूबसूरत झरने, नदी, पहाड़, पठार और वन्य दिए हैं। वही दूसरी ओर मानव द्वारा निर्मित उद्यान, मंदिर और प्राचीन कला स्थल भी मौजुद है, जो पर्यटन स्थल को प्राकृतिक रूप से खूबसूरत बनाता है।

  • बैद्यनाथ धाम- भारत के प्रसिद्ध शिव तीर्थस्थलों में झारखंड का बैद्यनाथ धाम मंदिर का दर्षण महत्वपूर्ण माना जाता है। इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके शीर्ष पर त्रिशूल नहीं, ‘पंचशूल’ है, जिसे सुरक्षा कवच माना गया है। सावन के महीने में यहाँ भक्तों की भीड़ देखने को मिलती है।
  • जगन्‍नाथ मंदिर- यह मंदिर रांची शहर में स्थित है, जो भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित है। इस मंदिर को हिन्दुओं के चार धामों में एक गिना जाता है। यहाँ हर साल लाखों भक्त भगवान जगन्नाथ का दर्शन करने हेतु पधारते हैं।
  • वासुकीनाथ मंदिर- यह झारखण्ड के दुमका जिला में स्थित है। हिन्दुओं का मानना है कि वैद्यनाथ मन्दिर की यात्रा तब तक अधूरी है, जब तक की वासुकीनाथ मंदिर की दर्शन नहीं हो जाते।
  • अन्य प्रमुख पर्यटन स्थल हैं- पारसनाथ स्थल, टैगोर हिल, झारखण्ड वार मेमोरियल, नक्षत्र वन, रातू का किला, जुबली पार्क और सूर्य मंदिर।

भोजन Food

उत्तराखण्ड आप जाएं तो वहाँ की पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद जरूर लें। कहा जाता है कि जो इन व्यंजनों को एक बार चख लेता है, वो कभी उन स्वाद को भूल नहीं पाता है। 

  • भांग की चटनी- उत्तराखण्ड की सभी चटनियों में भांग की चटनी सबसे ज्यादा स्वादिष्ट होता है।
  • दाल के पराठे- उत्तराखण्ड में दाल के पराठे को बड़े चाव से खाया जाता है।
  • बाडी- यह उत्तराखंड का सबसे पुराना पारंपरिक व्यंजन है। इसे रागी और घी के साथ बनाया जाता है।
  • कंडाली का साग- इसे खासकर सर्दियों में शरीर में गर्माहट के लिए उपयोग किया जाता है।

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झारखण्ड के व्‍यंजनों में जंगली साग और चावल का प्रयोग अत्याधिक किया जाता है।

  • चिल्का रोटी- झारखंड की चिलका रोटी वहाँ का प्रसिद्ध व्यंजन है। इसे बेसन और चावल से बनाया जाता है, जो खाने में काफी स्वादिष्ट होता है।
  • बैंबू शूट्स- इसे स्वाद और सेहत दोनों के लिए खाया जाता हैं। इसका स्वाद हल्का मीठा होता है। झारखंड निवासी इसका उपयोग सब्जियों में करते हैं।
  • पीठा धनिए की चटनी के साथ- इसे कई राज्यों में बनाया जाता हैं, लेकिन झारखण्ड जैसा स्वाद किसी और जगह नही मिलता। इसे बनाने के लिए आटा, सूजी और चावल का उपयोग किया जाता है।

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